Kinderarbeit Essay auf Hindi

Posted on by Olivera

Kinderarbeit Essay Auf Hindi




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Kinderarbeit Essay in Hindi बबल मजदूमजदूी पप निबंध

बाल मजदूरी का अर्थ है बच्चों से लिया जाने वाला काम जो के किसी भी क्षेत्र में उनके मालिकों दवारा करवाया जाता है। बाल मजदूरी समाज की प्रमुख बुराईयों में से एक है। बाल श्रम एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है गरीब बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। पूरे संसार में गरीब बच्चों से काम लिया जा रहा है तथा उन्हें तिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। माता -पिता अनपढ़ और गरीब होने के कारण उन्हें शिक्षा नहीं दे पाते बच्चे देश का भविष्य बनने की वजाय देश की कमज़ोरी का कारण बन रहे हैं। बचपन में उन्हें शिक्षा से वंचित कर दिया जाता है और उन्हें छोटी उम्र में ही काम में लगा दिया जाता है। आज पूरे समाज में गैर कानूनी तरीके से बच्चों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

सरकार द्वारा बाल मजदूरी (Kinderarbeit) को खत्म करने के लिए बहुत सारे जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं परन्तु इसके बावजूद भी गरीब घरों के ज्यादातर बच्चे बाल मजदूरी करने के लिए मजबूर हो जाते हैं.





इसीलिए बाल श्रम से बच्चों को बचाने की जिम्मेबारी देश के हर नागरिक की है यह एक समाजिक बिमारी है जो पूरे समाज को खोकला कर रही है और अब इसे जड़ से उखाड़ने की जरूरत आन पड़ी है पूरे समाज को.

गरीब परिवार के बच्चे अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च नहीं उठा पाते हैं वो अपने जीवन यापन के लिए पैसा भी नहीं कमा पाते और बच्चों की शिक्षा का खर्च कहां से उठाएंगे इसीलिए ज्यादातर माता -पिता अपने बच्चों को शिक्षा देने की सिवाए उन्हें बाल मजदूरी पर लगा देते हैं। वे ज्यादातर दुकानों, होटलों एवं निर्माण क्षेत्रों में काम करते हैं।

परन्तु पिछले कुछ वर्षों से सरकार द्वारा गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ता जो कोई भी बच्चा बाल मजदूरी ना कर सके गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही है उनके माता -पिता को प्रेरित किया जा रहा है।

बाल मजदूरी (Kinderarbeit) को जड़ से खत्म करने के लिए सबसे आवश्यक है गरीबी को खत्म करना और बच्चों के लिए दो वक्त का खाना उपलब्ध कराना.

इसीलिए इस गंभीर समस्या के लिए सरकार को ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक को इसके लिए आगे आना होगा यह हमारे समाज के लिए बहुत पीड़ादायक समस्या है इसे जड़ से खत्म करना बेहद लाजमी है.

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Essay über Kinderarbeit in Hindi 600 Wörter बबल मजदूमजदूी एक अभिशअभिशप -

बाल मजदूरी आज के समय का एक अंतराष्ट्रीय मुद्दा बन गया है यह गंभीर समस्या धीरे -धीरे बच्चों का जीवन नष्ट कर रही है और जिससे देश का भविष्य अन्धकार में सिमटता हुआ दिखाई दे रहा है। यह गंभीर समस्या सिर्फ भारत में ही नहीं है बल्कि इसने अपनी चपेट में दुनिया के विकासशील देशों को भी ले रखा है।

भारत में बाल मजदूरी की बात की जाए तो यहां करोड़ों ऐसे बच्चे हैं जो बाल मजदूरी का शिकार है बाल्यावस्था में ही उन्हें शोषण का शिकार होना पड़ता है दिनभर काम कराने के बाद भी उन्हें दो वक्त खाना नसीब नहीं होता। जो उम्र उनके पढ़ने लिखने की होती है उस उम्र में उन्हें इस शोषण के दलदल में धकेल दिया जाता है।

भारत के कानून के मुताबिक जिस बच्चे की उम्र 14 वर्ष से कम है उस बच्चे से काम लेना कानून के खिलाफ समझा जाएगा वह बच्चे रेस्टोरेंटफैक्ट्री जा फिर किसी अन्य जगह पर काम नहीं कर सकते है।

भारत में तो बाल मजदूरी तेज़ी से कदम पसार रही है जहाँ बालक घरेलू काम से लेकर फक्ट्रियों में काम करते हुए देखे जा सकते हैं इन्हें ऐसे कारखानों में भी मजदूरी करते हुए देखा जा सकता जहाँ पर जान जाने का खतरा बना रहता है यहां इनके पढ़ने -लिखने और खेलने की उम्र होती है वहां जे बाल मजदूरी करके अपने परिवार के साथ पेट पालने की मजबूर दिखाई देते हैं दो वक्त की रोटी का इंतजाम न होने के कारण माता -पिता भी उन्हें छोटी उम्र में काम पर लगा देते हैं।

बाल मजदूरी के कारण –

  • जहाँ पर आज हमें ये समझने की सख्त जरूर है के बाल मजदूरी के पीछे का कारण क्या है ये दिनभर दिन क्यों अपना पैर पसार रही है हम आपको बता दें के इसकी सबसे बड़ी वजय है गरीबी जिससे गरीब घर के माता- पिता अपने बच्चों का दो वक्त का पेट न भरने की वजय से उनसे भी काम करवाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
  • किसी भी फैक्ट्री में मजदूर को ज्यादा पैसे देने की अपेक्षा छोटे बच्चों को काम पर रख लिया जाता है जिससे उन्हें कम मजदूरी देनी पडती है।
  • तीसरी वजय बढती हुई बेरोजगारी पढ़े लिखे लोगों को नौकरी के लिए भटकते हुए देख उन्हें लगता है के वह अपने बच्चों को स्कूल की वजाय किसी काम पर ही लगा दें ताकि वह चार पैसे तो कमाकर लाएंगे।
  • बच्चों के माता –पिता का अशिक्षित होना जिससे वह शिक्षा के महत्व को नहीं समझ पाते और उन्हें शिक्षा से बेहतर अपने बच्चों को किसी काम पर लगाना ज्यादा बेहतर लगता है .

बाल मजदूरी को रोकने के उपाय –

  • बाल मजदूरी के लिए सरकार को सख्त से सख्त कानून बनाने चाहिए और बाल मजदूरी की आयु को भी बधन देनी चाहिए।
  • रोजगार के क्षेत्र में अधिक से अधिक अवसर पैदा किये जाएं जिससे सभी माता पिता अपने बच्चों को पढाई की तरफ प्रेरित कर सकें उन्हें अच्छी शिक्षा दे सकें।
  • फैक्ट्री जा होटलों में बच्चों से बाल मजदूरी करवाने पर रोक लगानी चाहिए।
  • सरकार यदि बच्चों के माता -पिता को रोजगार मुहैया करवाए तो जिससे वह अपने बच्चों का पालन -पोषण ठीक तरह से कर सकें तो इस समस्या को खत्म किया जा सकता है।
  • समाजिक संस्थाओं को भी इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्स लेना चाहिए तथा वह लोगों को इस बुराई के प्रति जागरूक कर सकें और बल श्रम के नुकसान के बारे में उन्हें समझा सकें।
  • छोटे बच्चों की शिक्षा को लाजमी कर देना चाहिए ताकि वो बाल मजदूरी करने से बच सकें।

अंत हम यही कहेंगे के बाल श्रम एक बहुत बड़ी बुराई है  जिसमें मासूमों का शोषण किया जाता है उनका बचपन छीन लिया जाता है यदि हम किसी का बचपन लौटा नहीं सकते तो हमें किसी बच्चे का बचपन छीनने का भी कोई अधिकार नहीं है।

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